पुलिस ने चंडीगढ़ नगर निगम का इंस्पेक्टर बताकर वेंडर्स लाइसेंस जारी कर ठगी करने के मामले में फर्जी इंस्पेक्टर पुलिस की गिरफ्त में
A fake inspector has been taken into police custody
इंस्पेक्टर राजीव कुमार की टीम एक और बड़ी कामयाबी।
आरोपी एक दिन के पुलिस रिमांड पर।
पुलिस ने पकड़े गए आरोपी के कब्जे से फर्जी वेंडर लाइसेंस,फर्जी पहचान पत्र बरामद।
रंजीत शम्मी चंडीगढ़। यूटी साउथ वेस्ट डिविजन काअहम थाना माने जाने वाले थाना 39 पुलिस को फिर एक बार उस वक्त एक बड़ी कामयाबी मिली। जब पुलिस ने एरिया से चंडीगढ़ नगर निगम का इंस्पेक्टर बनकर वेंडर्स लाइसेंस जारी कर ठगी करने के मामले में फर्जी इंस्पेक्टर को गिरफ्तार कर लिया है।पकड़े गए आरोपी फर्जी इंस्पेक्टर की पहचान सैक्टर 41 निवासी 35 वर्षीय राजेश कुमार के रूप में हुई है।पकड़े गए आरोपी को पुलिस ने जिला अदालत में पेश किया। अदालत ने आरोपी को एक दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। रिमांड के दौरान पुलिस उक्त मामले को लेकर आरोपी से और भी अहम जानकारियां हासिल करेगी।पुलिस ने पकड़े गए आरोपी के कब्जे से फर्जी वेंडर लाइसेंस,फर्जी पहचान पत्र बरामद किया है।
आरोपी के खिलाफ थाना 39 में धारा 318(4), 319(2),338,336(3),340 बीएनएस,के तहत 27 अप्रैल को मामला दर्ज है। जानकारी के अनुसार पता चला कि थाना 39 पुलिस को गुप्त सूचना और टेक्निकल तकनीक के जरिए पता चला था कि एरिया से फर्जी इंस्पेक्टर बनकर वेंडर्स को लाइसेंस बनवाने के नाम पर ठगी कर रहा है। मामले को गंभीरता से लेते हुए यूटी पुलिस की एसएसपी कंवरदीप कौर के दिशा निर्देशों के चलते एसडीपीओ साउथ वेस्ट धीरज कुमार की सुपरविजन में थाना 39 के प्रभारी इंस्पेक्टर राजीव कुमार की टीम ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो मामले का खुलासा हुआ। पुलिस ने तुरंत उसे गिरफ्तार कर मामले को सुलझा लिया।
क्या था मामला।
जानकारी के अनुसार शिकायतकर्ता मुकेश गिरी,और नवनीत चावला सदस्य टाउन वेंडिंग कमेटी,एमसी चंडीगढ़ की शिकायत पर दर्ज किया है।शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि सेक्टर 41 का एक विक्रेता पार्क सेक्टर-41 के सामने अपना सामान बेच रहा था। इसी दौरान एक शख्स उनके पास आया और अपने आप को खुद नगर निगम का इंस्पेक्टर बताकर कहा कि वह विक्रेता लाइसेंस जारी करता है।जब उन्होंने उक्त दस्तावेजों का वेरिफाई किया,तो वे फर्जी पाए गए। गरीब वेंडरों से एक हजार से 1500 रुपये ठगे। आरोपी के जारी किए गए डॉक्यूमेंट भी नगर निगम चंडीगढ़ से वेरिफाई करने पर फर्जी पाए गए थे। थाना 39 पुलिस की टीम ने उक्त मामले को सुलझा लिया। बता दे कि अगर किसी भी शातिर अपराधी ने थाना 39 क्षेत्र एरिया के अंतर्गत किसी भी वारदात या फिर नशीले पदार्थों की सप्लाई की तो वह पुलिस की चुगल से बच नहीं पाएगा। थाना 39 एक्टिव पुलिस उस आरोपी को धर दबोच लेगी।
इससे पहले भी थाना 39 पुलिस ने अलग से कई मामलों को सुलझाया है।
जानकारी के अनुसार पता चला कि यूटी पुलिस के आला अधिकारियो के दिशा निर्देशों के चलते थाना 39 के प्रभारी इंस्पेक्टर राजीव कुमार की टीम डीएमसी कॉलोनी निवासी शुभम को गिरफ्तार किया। जिसके कब्जे से डोनेशन बॉक्स का चढ़ावा, कॉइन,चांदी की सांप की मूर्तियां बरामद की।पकड़े गए आरोपी ने भगवान के घर को अपना निशाना बनाया था। वही पुलिस ने 22 अप्रैल को एरिया से पिस्टल रखने के मामले में आरोपी को गिरफ्तार किया था। जिसके कब्जे से एक पिस्टल और दो जिंदा कारतूस बरामद किए थे। जिसकी पहचान सैक्टर 38 निवासी मयंक के रूप में हुई थी।
19 अप्रैल को अपनी अन्य पुलिस पार्टी के साथ समय करीब साढ़े 8 बजे एरिया में पेट्रोलिंग कर रहे थे। पेट्रोलिंग के दौरान जब पुलिस सैक्टर 38 ए स्थित बस स्टॉप के पास पहुंची तो पुलिस ने शक के आधार पर उक्त आरोपी को रोककर पूछताछ के दौरान उसकी तलाशी ली तो पुलिस को उसके कब्जे से 12 ग्राम हेरोइन बरामद हुई। पुलिस ने तुरंत मामले में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया।इससे पहले 11 अप्रैल को थाना 39 पुलिस ने हेरोइन की सप्लाई करने वाले आरोपी तस्कर को 10.40 ग्राम हेरोइन की सप्लाई करने के मामले में गिरफ्तार किया था।पकड़े गए आरोपी की पहचान स्मॉल फ्लैट्स मलोया निवासी 22 वर्षीय राहुल के रूप में हुई थी।वही पुलिस ने अलग से दूसरे मामले में घर से चोरी करने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया था।पकड़े गए आरोपी की पहचान 38 वर्षीय सैक्टर 52 निवासी मिंटू के रूप में हुई थी।पकड़े गए आरोपी के कब्जे से पुलिस ने 5 पेयर पाजेब,29 पुराने नए कॉइन ऑफ डिफरेंट करेंसी बरामद किए थे।